Panchayat Sachiv Bharti: राजस्थान में कैसे बनते हैं पंचायत सचिव, जानिए कितनी मिलती है सैलरी

पंचायत वेब सीरीज का तीसरा भाग हाल ही में रिलीज हुआ और इसने दर्शकों का दिल जीत लिया। इस सीरीज में पंचायत सचिव का किरदार बेहद खास है, जिसे जीतू भईया उर्फ जीतेंद्र कुमार ने निभाया है। इस किरदार ने युवाओं के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है और उन्हें इस पद के प्रति आकर्षित किया है। इससे युवाओं में इस पद के बारे में जानने की जिज्ञासा बढ़ी है।

Panchayat Sachiv Bharti
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पंचायत सचिव का परिचय

पंचायत सचिव, जिसे ग्राम पंचायत सचिव भी कहा जाता है, की भर्ती पंचायती राज विभाग के अंतर्गत की जाती है। विभिन्न राज्यों में इस पद की भर्ती प्रक्रिया और वेतन में कुछ भिन्नताएं होती हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि राजस्थान में पंचायत सचिव कैसे बनते हैं और उनकी जिम्मेदारियाँ क्या होती हैं।

पंचायत सचिव की जिम्मेदारियाँ

राजस्थान में पंचायत सचिव की भर्ती राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) के माध्यम से होती है। पंचायत सचिव की मुख्य जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं को सुलभ बनाना होता है। सचिव गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करते हैं और उन्हें लाभ पहुंचाने का काम करते हैं। इसके अलावा, पंचायत समिति का बजट बनाने और उसे सही तरीके से लागू करने की जिम्मेदारी भी सचिव की होती है।

आयु सीमा

पंचायत सचिव पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। महिलाओं और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट RSMSSB पर जाएं।

योग्यता

इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास निम्नलिखित योग्यता होनी चाहिए:

  • किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री।
  • किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा डिग्री।
  • साथ ही RSCIT की डिग्री होनी चाहिए।
  • उम्मीदवारों को हिंदी और राजस्थान की संस्कृति की समझ होनी चाहिए।

आवेदन शुल्क

अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 450 रुपये है। ओबीसी (क्रीमी लेयर) के लिए 450 रुपये, ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर) के लिए 350 रुपये, और एससी/एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह राशि 250 रुपये है।

सैलरी

राजस्थान में ग्राम पंचायत सचिव को पहले दो साल के प्रोबेशन पर रखा जाता है, जिसके दौरान उनकी सैलरी 12,000 रुपये प्रति माह होती है। प्रोबेशन के बाद उनकी बेसिक सैलरी 20,800 रुपये प्रति माह होती है। अनुभव और प्रमोशन के साथ यह सैलरी बढ़ती जाती है और लंबे समय तक इस पद पर बने रहने के बाद यह करीब 40,000 रुपये प्रति माह तक पहुंच जाती है।

Panchayat Sachiv Bharti Check

पंचायत वेब सीरीज ने ग्रामीण जीवन और पंचायत सचिव की भूमिका को बड़े ही दिलचस्प तरीके से प्रस्तुत किया है, जिससे युवाओं में इस पद के प्रति रुचि बढ़ी है। पंचायत सचिव का पद न केवल गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने में भी योगदान देता है। युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस पद के माध्यम से ग्रामीण भारत के विकास में अपना योगदान दें।

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